हिंदी और मराठी फिल्म जगत के प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर का, गोवा में हृदयाघात के कारण निधन हो गया। वे 75 वर्ष के थे। उनके निधन से पूरे चलचित्र जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोगों ने नाना पाटेकर के निधन पर शोक जताया है।
1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के मुरुद-जंजीरा में जन्में, नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था। फिल्मों में आने से पहले, उन्होंने मुंबई के सर जे. जे. इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड आर्ट में पढ़ाई की। यहीं से उनकी नाटकों और अभिनय के प्रति रुचि बढ़ी। वे एक प्रसिद्ध भारतीय अभिनेता, फिल्म निर्माता और लेखक थे।
1970 के दशक में अपने अभिनय यात्रा की शुरुआत करने वाले नाना पाटेकर ने शुरू में मराठी थिएटर और फिल्मों में काम किया। धीरे-धीरे अपने दमदार एक्टिंग स्टाइल और शानदार डायलॉग डिलीवरी के बल पर उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनायी। हिंदी सिनेमा में उन्हें पहली और बड़ी सफलता फिल्म परिंदा (1989) से मिली। इस फिल्म के लिए उन्होंने बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीता।
1990 और 2000 के दशक में उन्होंने परिंदा, क्रांतिवीर, अग्नि साक्षी, खामोशी, गुलाम-ए-मुस्तफा, अब तक छप्पन, कोहराम और वेलकम जैसी कई सफल फिल्मों में अभिनय किया। उन्हें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स, फिल्मफेयर अवॉर्ड्स भी मिले। उन्हें 2013 में भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया था।
